OnlineCBT Logo OnlineCBT

Physics · WORK, ENERGY AND POWER

English

स्थितिज ऊर्जा की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (A) स्थितिज ऊर्जा किसी पिंड द्वारा उसकी स्थिति या विन्यास के आधार पर धारण की गई 'संचित ऊर्जा' है। (B) खींची हुई धनुष की प्रत्यंचा और संपीडित कमानी (स्प्रिंग) में स्थितिज ऊर्जा होती है। (C) पृथ्वी की पर्पटी में भ्रंश रेखाओं के अनुदिश अव्यवस्थाओं के पुनर्समायोजन से संचित स्थितिज ऊर्जा मुक्त होती है, जिससे भूकंप आते हैं। (D) स्थितिज ऊर्जा \( V(h) = mgh \) वाले \( h \) ऊँचाई पर स्थित किसी पिंड के लिए गुरुत्वाकर्षण बल \( F = +\frac{dV}{dh} \) द्वारा दिया जाता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल (A), (B) और (C)
  2. केवल (B), (C) और (D)
  3. केवल (A) और (D)
  4. (A), (B), (C) और (D) सभी

सही उत्तर · विकल्प 1

केवल (A), (B) और (C)

व्याख्या

Statements (A), (B), and (C) are correct descriptions of potential energy. Statement (D) is incorrect because conservative force is the negative derivative of potential energy: \( F = -\frac{dV}{dh} \).
Address Contact

+91 7877547686

E-mail

onlinecbtportal@gmail.com

Helpline Number

+91 7877547686


Click To Download
Get it on Google Play

ऐप डाउनलोड करने
के लिए Google Play पर
उपलब्ध है

WhatsApp Chat