Physics · SYSTEMS OF PARTICLES AND ROTATIONAL MOTION
Englishकणों के एक निकाय के कोणीय संवेग और बल आघूर्ण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (A) कणों के निकाय के कुल कोणीय संवेग के परिवर्तन की समय दर निकाय पर कार्यरत बाह्य बल आघूर्णों के योग के बराबर होती है। (B) कुल बल आघूर्ण में आंतरिक बलों का योगदान केवल तभी शून्य होता है जब कणों के बीच के बल बराबर, विपरीत और कणों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश हों। (C) यदि किसी दृढ़ पिंड पर कुल बाह्य बल शून्य है, तो कुल बल आघूर्ण उस बिंदु से स्वतंत्र होता है जिसके परितः आघूर्ण की गणना की जाती है। (D) यांत्रिक संतुलन में किसी पिंड के लिए केवल घूर्णी संतुलन आवश्यक है, चाहे स्थानांतरीय बल कुछ भी हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
सही उत्तर · विकल्प 3
केवल (A), (B) और (C)
व्याख्या
Statements (A), (B), and (C) are strictly correct as per rotational dynamics principles. Statement (D) is incorrect because complete mechanical equilibrium requires both translational and rotational equilibrium.