Chemistry · CHEMICAL BONDING AND MOLECULAR STRUCTURE
Englishचित्र 4.6 में दर्शाए गए बिना एकाकी युग्म वाले अणुओं के आकारों (\( \text{BeCl}_2 \), \( \text{BF}_3 \), \( \text{CH}_4 \) और \( \text{PCl}_5 \)) को देखिए। \( \text{PCl}_5 \) में, दो अलग-अलग आबंध कोण (\( 90^\circ \) और \( 120^\circ \)) दर्शाए गए हैं। VSEPR सिद्धांत के अनुसार इस अणु में अक्षीय और निरक्षीय आबंध अलग-अलग मात्रा में प्रतिकर्षण का अनुभव क्यों करते हैं?
सही उत्तर · विकल्प 2
प्रत्येक अक्षीय आबंध युग्म \( 90^\circ \) पर तीन निरक्षीय आबंध युग्मों से प्रतिकर्षण का अनुभव करता है, जो निरक्षीय आबंध युग्मों द्वारा अनुभव किए जाने वाले प्रतिकर्षण से अधिक होता है।
व्याख्या
In PCl5, each axial bond is at 90° to 3 equatorial bonds, experiencing much stronger repulsion than equatorial bonds which have only two 90° interactions.